ऐसे बच्चे को जन्म देकर रानी अत्यंत दुःखी हुई। रानी की दुख से कातर होकर उसके पास एक परी आई और बोली- रानी, तुम इतना दुखी मत हो। तुम्हारी पुत्र अत्यधिक चतुर और बुद्धिमान होगा। सबलोग इनसे प्रेम करेंगे।
रानी ने बोला- किन्तु इसका विवाह कैसे होगा? और कौन लड़की इसके साथ प्यार करेगी?
परी ने बोला- इसे प्यार भी मिलेगा। मै इसे वरदान देती हूँ कि जिस लड़की को यह सबसे अधिक प्यार करेगा, उसे अपने ही समान चतुर और बुद्धिमान बना लेगा।
रानी को परी के वरदान से कुछ शांति सी मिली। परी का कथन सच साबित हुई। जब राजकुमार ने बोलना आरंभ किया तो वह ऐसी प्यारी- प्यारी बातें करने लगे की जो कोई सुनता- प्रसन्न हो उठता।
राजकुमार का नाम हार्श्वर्धं रखा गया। उनके जन्म के कुछ सात- आठ वर्ष के बाद पड़ोसी देश के राजा रानी की कोख से दो- दो लड़कियों को जन्म दिया। पहली लड़की बहुत सुंदर थी।....... इतनी सुंदर की माँ की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। और इतनी पर्शनता हुई की लोगो को लगने लगा की खुशी के मारे रानी पागल हो जायेगी।
वही परी, जो राजकुमार हर्ष की जन्म पर प्रकट हुई थी।......वहाँ गई और रानी से कहने लगी- हो सकता हैं कि तुम्हारे यह खुशी ज्यादा देर तक न रहे। क्युकि यह लड़की जितनी सुंदर उतनी ही मुर्ख साबित हुई।
यह सुनकर रानी को आघात लगा। इससे भी अधिक दुख उस समय हुआ, जब उसने दूसरी पुत्री को जन्म दिया। क्योंकि यह लड़की अत्यधिक बदसूरत थी,अब इस बार लोगों को लगा की रानी दुख की अधिकता के कारण पागल हो जायेगी।
इस बार भी वह परी फिर आई और बोली-- रानी दिल को छोटा न करो। तुम्हारी यह पुत्री इतनी अधिक बुद्धिमान होगी कि कोई कुरुपता के बारे में विचार भी नही केरेगा।।
रानी बोली- मेरी भी यही अभिलाषा है। किन्तु किया कोई ऐसा उपाय नही हो सकता हैं कि बड़ी पुत्री, जो इतना सुंदर है.... उसे थोड़ी सी भी बुद्धि प्राप्त हो जायेगी?
परी ने उत्तर दिया-- नही रानी! बुद्धि तो मै उसे दे नही सकती, किन्तु यह वरदान देती हूँ। की यह लड़की जिस पुरुष को सबसे ज्यादा प्यार करेगी, उसे अपने समान सुंदर बना लेगी।
समय के साथ साथ दोनो राजकुमारियाँ बड़ती गई और उनके गुण भी उजागर होते गया। संपूर्ण देश में बड़ी राजकुमारी सुंदरताऔर छोटी राजकुमारी की बुद्धिमता की खुशबु फैलेने लगी। किन्तु उम्र के हर कदम के साथ साथ उनके अवगुण भी प्रकट होने लगे । छोटी राजकुमारी तो दिनों दिन बदसूरत होती हुई जा रही थी। बड़ी राजकुमारी दिन प्रति दिन मुर्ख होती जाती थी। यदि कोई उससे सवाल पूछता तो तब वह यह तो चुपचाप रहती या फिर कोई मूर्खता भरी उत्तर देती। इसके अतिरिक्त वह इतनी फूहर थी। की यदि चार फुलदांन सजाने होते तो उनमे से एक उसके हाथ से अवश्य गिरकर टुकरे टुकरे हो जाता। पानी पीती तो उसके कपड़ो पर पानी अवश्य छलक जाता।
पार्ट-1News 24
News 24
लव स्टोरी :-अंदेखी मोहब्बत


3 Comments
Nyc Super
ReplyDeleteJaldi se part 2 lekr aaye bahut hi majedaar kahani hai
ReplyDeleteThank❤🌹 for watching aaj hi upload hoga
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