राम के नाम से हर एक को है डर एक आदमी ने जैसे ही श्री राम जी के नाम लिया और चमत्कार हो गया। आप आंदाज नही लगा सकते हैं कि श्री राम के नाम पर ही इतना शक्ति है। 
जगतपुर ग्राम मे धर्मचंद् नाम का एक आदमी रहता था। वह एक गाँव से दूसरे गाँव जाकर किराना सामान बेचा करता था। जगतपुर और बलरामपुर के बीच एक घाटी पड़ती थी। जिसे मुर्दघाटी के नाम से जानते थे क्योंकि वहाँ पर एक शमशान था। धर्मचंद् को लौटते- लौटते कुछ रात घिर गया था चांदनी रात थी। इसलिए वह मस्ती से तराजु और वाट लेकर गुनगुनाता हुआ नदी पार कर रहा था। उसी दिन घाटी में एक मुर्दा जलाया गया था। गाँव वालो का ऐसा कहना था की जब कोई मुर्दा जलाया जाता हैं, तब भूत- प्रेत रात में आकर चिता के चारो ओर नाचते हैं तथा शराब पीते है और उस दिन जो कोई भी उस रास्ते से जाता है उसे नदी में दौड़ाकर मार डालता है। यह बात धर्मचंद् कभी विश्वास नहीं किया था। चांदनी रात थी, नदी का बालु चांदनी के समान चमक रहा था। तभी कोई उसका नाम लेकर पुकारा। वह थितककर रुक गया तब जोर से बोला ..ौ न...है..भाई । मैं... यहाँ आओ, आवाज आई। वह आवाज की दिशा में चल दिया। उसे थोड़ी दूर पर एक आकृति दिखाई पड़ी। वह वहाँ पहुँचा तो उसके छक्के छुट गये। क्योंकि वह आकृति एक कंकाल जैसी थी। देखते- देखते वहाँ सेकड़ो आकृतियाँ आ गयी। वे सब धर्मचंद् को चारो ओर घेर नाचने लगे। वह डर से थर- थर कांपने लगा। तभी जो लगा था प्रेत का राजा रानी है। बोला-"तुम नदी का बालु तोलो। मगर कितना वह डरते हुए पूछा।प्रेत का राजा बोला जब तुम थक जाओगे तब हम तुम्हे मारकर खा जायेंगे। धर्मचंद् मरता क्या_ना कर ता वही बैंठ गया। प्रेत उसके चारो ओर नाचने लगे। तराजू को ठीक कर एक पालड़े पर वाट और दूसरे पर बालु रखकर गिनती करने लगा।............
राम ही राम बोला तो उसे लगा की सब कुछ शांत हो गया है। मगर अगले पल सब चिल्ला और नाच रहे थे। वह इस तरह एक मन (50 किलो) तोल दिया। फिर वह गिनती शुरू किया- राम ही राम और सर उठाकर देखा तो एक भी प्रेत नजर न आए लेकिन दो ही दो बोला तो सब उसी तरह दिखाई पड़े। अब वह समझ गया। वह तराजु समेट लिया और उठकर खडा हो गया। जब प्रेत ने पूछा कि तुम थक गए तो धर्मचंद् ने जवाब दिया राम ही राम, उसी पल सब लुप्त हो गया। मगर धर्मचंद् जैसे ही राम ही राम बोलना बंद कर दिया तो उसे दो प्रेत आकर पकड़ लिया।अब वह फिर से जोर- जोर से अब बोलने लगा। राम ही राम.... । बोलते हुए वह देखा दूर- दूर तक कोई नही था।वह राम - राम बोलते हुए घर चला गया।
ये कहानी सत्य है।
तो ये राम नाम की शक्ति । हैलो दोस्तो कैसे लगा ये स्टोरी हमे कॉमेंट मै जरूर बताये और कैसे स्टोरी चाहिए आपलोगो को कॉमेंट जरूर बताये हम कोशिश करेंगे वैसे स्टोरी लाने की।।
1 Comments
Superb story
ReplyDelete